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10 June 2017

अपनी height को कैसे बढ़ाए ? योगासन & Exercise

अपनी height को कैसे बढ़ाए ? योगासन & Exercise 



How to increase height in Hindi

एक अच्छी height न केवल आपको प्रभावशाली बनाती  है बल्कि आप के personality में चार चाँद लगती  है।  एक अच्छी height हमारा आत्मविश्वास बढ़ाने में मदत करती है।जबकि कम हाइट आपमें हीन भावना पैदा करती है।  और जहा तक करियर का सवाल है ? एक अच्छी हाइट हमारा करियर  बनाने में भी मदत करती   है।  देखा जाए तो हमारे शरीर का विकास 13 से 18 वर्ष की आयु में फ़ास्ट होता है। यदि आप को height बढ़ानी हो तो यही सही समय रहता है। इस समय में थोड़ी मेहनत करे तो शरीर का विकास बहोत जल्द हो जाता है।  एक अच्छी हाइट हमें करियर में भी मदत करती है।  जैसे modeling , में आपका लम्बा होना बहोत जरुरी है।  पुलिस , नेवी etc ऐसे कई करियर है जिसमे आपका लंबा होना बहोत जरुरी होता है।  और बिना हाइट के आप इस क्षेत्र में नहीं जा सकते।

puberty हमारी युवा अवस्था तक हमारी height बढ़ती है। 80% हाइट हमारे जीन्स पर depend करती है। अनुवांशिकता यह  हाइट न बढ़ने का यह एक प्रमुख कारण है।  पर आज हम science और medical की मदत से puberty के बाद भी सर्जरी से हमारी हाइट बढ़ा सकते है।  आज हम इस पोस्ट में ऐसे  ऐसे सारे  तरीके देखेंगे Naturally /Medically (Surgical ) जिससे आप अपनी हाइट बढ़ा सकते हो।


सबसे पहले तो हम हाइट न बढ़ने के प्रमुख कारण देखत है :

1 ) अनुवांशिकता (Heredity ) :
हमारी हाइट हमारा चेहरा , हमारा कलर , यह सब हमारे जीन्स पर निर्भर करते है।  यह जीन्स हमें अपने माता पिता से ही प्राप्त होते है।  यदि माता पिता की हाइट  कम है , तो उनके बच्चो की भी हाइट ज्यादा बढ़ नहीं पाती है।  यह एक शोध में पाया गया है और यह हाइट न बढ़ने का एक प्रमुख कारण भी है।

2) (HGH) Human Groth Harmons  की कमी :
दोस्तों Human Groth Harmons  यह harmons हमारी हाइट बढ़ने में मदत करता है।  HGH हमारे ( पिट्यूटरी ग्लैंड ) पियूष ग्रंथि से निकालता है।  पिट्यूटरी ग्लैंड  हमारे मस्तिष्क में होती है। यदि HGH harmons की कमी हुई तो हमारी Height बढ़ना रुक जाती है। so HGH का हमारी बढ़ने में बहोत बड़ा रोल है।  ( ज्यादा सोने से हमारा HGH harmones level बढ़ जाता है।  )

३ ) कुपोषण :
कुपोषण , पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण भी आपकी हाइट बढ़ना रुक जाती है। कुपोषण से आपके पुरे शरीर का विकास रुक जाता है। पौष्टिक तत्व जैसे प्रोटीन , कैल्शियम , vitamins B 12 , phosphorus , और magnesium vitamin D etc न मिलने से भी हमारे शरीर  की growth रुक जाती है। और आज कल junk food जैसे पिज़्ज़ा , नूडल्स , बर्गर , जैसे खाने से हमें सही Nutrition  नहीं मिल पता जिसका सीधा असर हमारे शरीर पर और Height पर होता है।

4 ) कोई लंबे समय की बीमारी :
 अक्सर देखा गया है की बचपन में कोई लंबे समय की बीमारी जैसे पोलियो , अस्थमा , रिकेरस , मीजल्स , etc जैसे रोग के कारण हमारे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। जिसके कारण हमारी हाइट बढ़ नहीं पाती।


Height बढ़ाने के कुछ व्यायाम :


लटकाना : लटकाना यह एक बहोत बढ़िया exercise है। जिन्हे  अपने छोटे कद को बढ़ाना है वह एक ऊँची जगह पर एक रॉड लगाकर उसपर सुबह शाम लटक सकते है।  आप अपने क्षमता से 30 सेकंड से लेकर 1 मिनट लटक सकते हो और धीरे धीरे उसका timing बढ़ा सकते हो।  लटकने से आप के सारे शरीर को खिचाव मिलता है।  जिससे आप की हाइट बढ़ने में मदत मिलती है।

रस्सी कूदना (rope skipping )
रोज सुबह 10 मिनट रस्सी कूदना आपके लिए बहोत ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।  एक न केवल आपके पुरे शरीर को व्यायाम देता है  बल्कि आप के पुरे शरीर का blood circulation भी करता है।  रस्सी कूदने से आप के कंधे , हाथ पैर की मसल्स strong होते है और उनका अच्छा विकास होता है।  आप के बॉडी के toxic बाहर आते है और आपकी स्किन हेल्थी बनती है और आप भी हैल्थी और फ़ीट रहते है। यदि आप का ज्यादा मोटे हो तो आप का वजन भी घटता है।

स्वमिंग :
स्वमिंग से आप का  पुरा  शरीर stretch होता है।  जिससे पुरे  शरीर सिर से लेकर पैर तक खिचाव के कारण पुरे शरीर को अच्छा व्यायाम मिलता है। यदि आप रोजाना आधा एक घंटा स्वमिंग करते है तो यह आप के हाइट बढ़ने के लिए बहोत ही कारगर साबित हो सकता है।  Breast Strock यह एक  बढ़िया स्वमिंग की स्टाइल है।  जिससे आप की हाइट बढ़ने में मदत मिलेगी।

running दौड़ना :
10 -15 minute running से आप बहोत सारे फायदे हो सकते है। रोजाना दौड़ने से आप के ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है।  आप को रोग प्रतिकार क्षमता बढाती है साथ ही पुरे शरीर का व्यायाम होता  है।  और आप के पुरे शरीर का विकास होता है।

साइकिलिंग cycling :
रोजाना 15 मिनट साइकिलिंग यह एक बहोत अच्छी exercise है खास कर आप के पैरो के लिए।  साइकिलिंग से आप की बॉडी फ़ीट रहती है आप के पैरो के मसल्स को ताकत मिलती है। और आप के पैरो के मसल्स और हड़िया strong बनती है और उनका पूरा विकास होता है। डेनमार्क में हुए  एक सर्वे के मुताबिक यदि आप रोजाना साइकिलिंग करते है तो यह आप के हार्ट अटैक के chance को 30 % से कम कर देता है।  यह सर्वे लगभग 45 हजार लोगो पे किया गया था।


Height बढ़ाने के योगासन :

ताड़ासन : यह हाइट बढ़ाने के लिए एक उत्तम योग है।  ताड़ासन से हमारी रीढ़ की हड्डी को अच्छा व्यायाम  मिलता है।  यह आसन करने से हमारे पुरे शरीर stretch होता है।  जिससे हमारी हाइट बढ़ने में मदत मिलती है। साथ


  भुजगांसन : भुजांगासन में रीढ़ की हड्डी , पेट , हाथ , छाती , इ. अंगो को व्यायाम मिलता है।  आप की रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है। रीढ़ की हड्डी का विकास होता है।  पैरो की अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है। भुजांगासन यह बहोत ही सरल आसन है तथा इसे कोई भी कर सकता है।

सूर्यनमस्कार : सूर्य नमस्कार करने से 12 आसनो का लाभ मिलता है।  सूर्य नमस्कार आप के पुरे शरीर को लचीला बनाता है।  यह आप के पुरे अंगो को व्यायाम देता है।   सूर्यनमस्कार हड्डिया मजबूत बनती है तथा हड्डियों का विकास होता है।


 हलासन : हलासन में हमारे शरीर का आकार हल जैसे बनता है। इसे करने से हमारी रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है तथा उसका विकास होता है। थाइरोइड ग्लैंड और वजन कम करने में भी यह बहोत सहायक है।


सर्वागासन : सर्वागासन का  नाम ही हमें कहता है की सर्व अंग का आसन इस आसन  के वैसे तो बहोत लाभ है पर थयरॉइड और पिट्यूटरी ग्रंथी का पोषण होता है तथा वह सक्रिय होते है। पिट्यूटरी ग्रंथी ही हमारी हाइट को निर्धारित करती है।  इसलिए सर्वागासन से हमारी हाइट बढ़ाने में मदत मिलती है।  साथ ही हमारी पीठ लचीली बनती है। आप का वजन घटता है। सर्वागासन से रक्त का प्रवाह हमारे सिर के तरफ़ होता है जिससे हमारा तनाव दूर होता है यादाश्त बढ़ती है।  यह हमारे चेहर और बालो के लिए भी अच्छा है।  चहरे के  कील मुहासे दूर होकर चेहरा कांतिमय होता है और आप के बाल भी झड़ना बंद होते है। 

पश्चिमोत्तासन : पश्चिमोत्तासन  करने से हमारे हाथ पैर कंधे और  रीढ़ की हड्डी में खिचाव लाता है जिससे हमारी हाइट बढ़ने  में मदत मिलती है।  हमारी रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और उसको अच्छा व्यायाम मिलता है।  पश्चिमोत्तासन से हमारे पेट की चर्बी कम होती है। पेट के समस्त रोगो से मुक्ति मिलती है। पुरे शरीर में रक्त का प्रवाह होता है एक नयी ऊर्जा शरीर को मिलती है।

त्रिकोणासन : इस आसन में आप के शरीर का आकर त्रिकोण सा बन जाता है। इस आसन से भी आप के पीठ हाथ पैर को खिचाव मिलता है।  जिससे आप की हाइट बढ़ने में मदत मिलती है।  आप की पैरो और पेट की चर्बी कम होती है। आप का शरीर सुडोल और लचीला बनता है।


हस्तपादासन : पादहस्तासन में आप को  के हाथो को सामने झुककर  अपने पैरो को छूना पड़ता है।  इससे आप के पैर हाथ और रीढ़ की हड्डी को बेहरत व्यायाम मिलता है और उनका विकास होता है।  साथ ही आप के शरीर को लचीला बनता है।


height increasing surgery / limb lengthening surgery

आज science और मेडिकल की मदत से आप अपनी natural groth के बाद भी अपनी हाइट को बढ़ा सकते है।  आप इस सर्जरी से उम्र के 20 या 30 वर्ष   के बाद भी अपने हाइट 5 से 7 इंच तक बढ़ा सकते है।  आधुनिक limb lengthening के पहली सर्जरी 1903 में   एक इटालियन सर्जन ने की थी।  तब यह सर्जरी groth plate रूकावट हड्डियों में खराबी को ठीक करने के लिए की जाती थी।  आज बदलते ज़माने के साथ साथ यह एक लंबा होने का रास्ता बन गया है।  दरसल इस सर्जरी में पैरो की हड्डियों को लंबा किया जाता है।  इस पूरी प्रक्रिया में 6 से 1 साल तक लगते है।  यह सर्जरी बहोत लम्बी बेहद दर्दनाक और बहोत costly होती है। यह सर्जरी को लगभग 60 से ७० लाख लग सकते है।  पर  limb lengthening surgery में आप की हाइट जरूर बढाती है। 

13 January 2017

तनाव और डिप्रेशन से बचने के 7 उपाय

तनाव और डिप्रेशन से बचने के 7 उपाय 

Tanav aur Depression se bachne ke upay in HIndi


 इन दिनों कामकाज से जुड़े तनाव से सामना होना बहुत आम है. इसे ठीक से संभालना जरुरी है. खानपान और relax होने के लिए समय निकल कर ऐसा किया जा सकता है. 

दिमाग और शरीर का एकदूसरे से सीधा संबंध है. अगर दिमाग में तनाव है तो व्यक्ति स्वस्थ रह ही नहीं सकता है. तनाव इस दौर की सबसे बड़ी चुनौती है जो स्वास्थ पर हमला कर रही है. ज्यादातर बीमारिया तनाव से ही उपज रही है. अपने रोजमर्रा के तनाव से पार जपना चुनौतीपूर्ण है लेकिन आगे बढ़ने के लिए उसके तरीके तलाशना ही होते है. तनाव अगर शरीर में लंबे समय के लिए टिक जाए तो वह गंभीर घाव करता है. अगर आप तनाव से मुक्ति के उपाय तलाश लेते है तो समझ लीजिये की आपने अपने जीवन को बेहतर बनाने की राह खोज ली है. जब तनाव में हो तो इन उपयो की मदद ले सकते है. 



1) खानपान में बदलाव करे 

जब भी तनावपूर्ण स्थितियों से सामना हो तो coffee, alcohol और unhealthy खाने के जरिये रहत तलाशने के बारे में बिलकुल न सोचे। इस समय खानपान में एहतियात बरतने की जरुरत है. इस बात का विशेष ध्यान रखे की जब भी आप खुद को ज्यादा तनाव में पा रहे हो तो ऐसा भोजन ले जो आपको ज्यादा ऊर्जा दे. ऐसे समय dietitian की मदद से अपना diet chart फिर से plan करने की जरुरत है. याद रहे की जो भी आप खा रहे है उसका आपकी दिनचर्या जपर बड़ा प्रभाव होता है.


२) तनाव में अपने वातावरण को बदले 


दिन में कई मौके आते है जबकि नकारात्मक ढंग से सोचने या नकारात्मक प्रतिक्रियाओ में आपकी ज्यादातर ऊर्जा खर्च होती है. अपनी इस ऊर्जा को बचाकर काम पर focus करे. ऐसे लोगो से दूर रहे जो आपको इस तरह से सोचने के लिए उकसाते है और उन लोगो की कंपनी join करे जो सकारात्मक ढंग से सोचते है. तनाव ज्यादा हो तो न कहना सीखना भी बहुत जरुरी है ताकि आप काम के अनावश्यक बोझ और तनाव से खुद को बचा सके. 


3) रोजाना ध्यान और योग करे 

 अगर तनाव से मुक्ति चाहते है तो अपने दिनचर्या में योग और ध्यान को शामिल करे. अपनी श्वास को गहरा करने का अभ्यास भी आपको तनाव से जूझने में मदद करेगा. अगर आप अपने शरीर को स्ट्रेच करते है तो उसका असर आपकी ऊर्जा पर सीधा होगा और आप चीजो का आसानी सी मुकाबला कर पाएंगे।  योग के जरिए आप बेहतर स्वास्थ और शांति पा सकते है।  यह बेहतर स्वास्थ भी देगी। 



4) समाज और समुदाय से जुड़े 

सामाजिक कार्यो में स्वैच्छिक रूप से भागीदारी करे और अपने परिजनों दी साथ जुड़े। इस तरह आप अपने इर्द - गिर्द तक बड़ा support group पाएंगे और खुद को चिंताओं से मुक्त महसूस कर सकेंगे।  जब आपके साथ कुछ लोग जुड़ते है तो वे आपको तनाव से बाहर निकलने में मदद भी कर पते है, अन्यथा आप खुद को अकेला पाते है।  इस बात को याद रखे की अकेलापन या असहाय होने की स्थिति तनाव को बढाती है। 


5) रोज के कामो को कम ही रखे 

अक्सर लोग अपने कामो की सुची बनाते है और उसमें बहुत सारे काम शामिल करके वे अपने लिए अनावश्यक तनाव पैदा कर लेते है। ऐसा करने से बजाय आपको अपने लिए एक दिन में दो या तीन काम करने का ही लक्ष रखना चाहिए ताकि गैरजरूरी तनाव पेड न हो। 


6) weekend में रहे disconnected 

अपने निजी और कामकाजी जीवन के बिच संतुलन साधकर भी आप अपने जीवन में आ रहे तनाव को काम कर सकते है।  weekend पर या छुट्टी के दिन तय कर ले की आप एक निश्चित समय के लिए आपके phone को बंद रखेंगए।  कुछ समय के लिए phone को silent mode पर भी रख सकते है और दिन के एक खास समय में phone check करके देख सकते है।  जरुरी होने पर आप call back कर सकते है। 

7) perfection के बारे में न सोचे 

यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन अपनी स्थितियों का आकलन करके काम करना बेहतर है।  काम संसाधनों के साथ अगर आप perfection पाना चाहते है तो निराशा ही हाथ लगेगी और आप खुद का तनाव भी बढ़ लेंगे।  जितना भी आपसे संभव हो उतना बढ़िया करने की कोशिश करे और खुश रहना सीखे।  खुद पर अतिरिक्त वजन डालकर तनाव पैदा करने से दबे।  स्थितियों के अनुरूप काम करेंगे तो रहर महसूस करेंगे। 

8 December 2016

Nick Vujicis मोटिवेशनल लाइफ स्टोरी इन हिंदी / दुनिया का सबसे बड़ा मोटिवेशनल इंसान Nick Vujicis

Nick Vujicis  मोटिवेशनल लाइफ स्टोरी इन हिंदी / दुनिया का सबसे बड़ा मोटिवेशनल इंसान Nick  Vujicis   जरूर पढ़े। 

Nick Vujicis Motiviational life story in Hindi
Nick Vujicis


दोस्तों आज हम ऐसे Motivational Man  Nick  से मिलने वाले है जिसको देखते और सुनते ही हम यह बोलने को मजबूर हो जायेगे की सच में असंभव कुछ भी नहीं , Nick Vujicic एक ऐसा आदमी है जिसे हाथ और पैर नहीं है।  एक ऐसे विकलांग व्यक्ति को दया और मदत और मोटिवेशन की जरुरत होती है।  पर ऐसा यहाँ नहीं है Nick जिंदगी को challenge करते है।  और वो खुद लाखो लोगो को Motivate और प्रेरणा देते है।  Really Hats Off Such a Real Man. दोस्तों I Dont know आप ने Nick के बारे में पढ़ा है या नहीं पर आज आप इस post को पढ़े बाद और nick को जानने के बाद आप को आपके Problem ,आप को निराशा , आप की समस्या nick के सामने बहोत छोटी नजर आएगी।  तो चलिए nick के life के  बारे में जानते है। 

निक का पूरा नाम Nick James Vujicis है और  जन्म 1982 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ।  जन्म होते ही सब चौक गए क्यों की निक का जन्म आम बच्चो जैसा नहीं हुआ था। निक का  जन्म बिना हाथ और पैरो का ही हुआ।  जब निक का जन्म हुआ तब उसके मम्मी ने उसे देखने से और अपने पास लाने से साफ मना कर दिया था।  पर समय के साथ उन्होंने Nick को accept कर लिया। 

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Nick जन्म से स्वस्थ थे। पर सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह  थी की उन्हें हाथ और पैर नहीं थे।  दरअसल  Nick को Phocomelia नाम के दुर्लभ विकार के साथ पैदा हुए।  phocomelia में हाथ और पैरो का विकास नहीं हो पाता। 
बिना हाथ और पैरो के निक का जन्म हो गया और वे स्वस्थ भी थे।   पर उनका future कैसा होगा ? उनकी जिंदगी हमेशा दुसरो पर depend रहेगी। और वह हमेशा दुसरो पर बोझ बने रहेगे यह चिंता उनके parents को सताने लगी।  और यह सच भी है बिना हाथ पैर के कोई ज़िन्दगी कैसे जी सकता है। 

बचपन से ही Nick को अपने जिंदगी  में मुस्किले आने लगी।  उन्हें हर एक काम के लिए दुसरो पर निर्भर रहना पड़ता था खाना खाने से लेकर कपडे पहनना , स्कूल जाना , ब्रश करना और विकलांगता के कारण उनका कोई दोस्त भी नहीं बन पाया।  निक हमेशा भगवान से प्राथर्ना करते थे की कही से उन्हें हाथ पैर मिल जाए और वह भी दूसरे बच्चो के जैसे खेल - कूद सके।  पर समय बिताता गया और धीरे धीरे निक Depression और निराशा  के शिकार होते गए।  और उन्होंने आत्महत्या का प्रयास भी किया। पर वे बच गए। 



अपने mother द्वारा लिखे गए लेख से जो की अख़बार में प्रकाशित हुआ था।  उससे वह बहोत  motivate हुए और उन्हने यह समझ आया की वे अकेले नहीं  है जो संघर्ष कर रहे है। और Nick का जिदगी के प्रति  नजरिया बदल गया।   Nick के दो अविकसित पैर थे और एक पैर में दो उंगलिया भी थे पर वे आपस में चिपकी हुई थी। डॉक्टरोंने  आपरेशन कर के वह दोनों उंगलिया अलग कर दी ताकि  Nick उसकी सहायता से कुछ पकड़ सके , लिख सके और Nick उन दो उंगलियो के मदत से Wheel chair operate करने लगे वे उन दो उंगलियो से मोबाइल और computer भी operate करने लगे।  और एक तरह से Nick ने जिदगी को Challenge कर दिया। उन्होंने अपनी पढाई शुरू रखी और 21 year में ग्राफिटी यूनिवर्सिटी से अपना graduation पूरा किया। 

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2005 में एक NGO खोल दी Life without Limb नाम से और Nick ने  2007 में Attitude इस Altitude न से Motivational Speaking कंपनी खोल दी जो की लाखो लोगो को प्रेरणा और मोटिवेशन देती है। उन्होंने एक शार्ट फिल्म The Butterfly  Circus भी बनाई जिसके लिए उन्हें Best Actor का अवार्ड भी मिला है।  Nick आज लाखो लोगो को motivate करते है और वह एक बहोत अच्छे motivational speaker भी है।  और ज़िन्दगी कैसे जिया जाए यह बताते और सिखाते है।  साथ ही साथ वह एक अच्छे लेखक भी है उनकी पहली Book Life Without Limits  एक बहोत ही inspirational book है।  और 30 से अधिक भाषा में इसको ट्रांसलेट किया जा चूका है।  ऐसे बहोत सारी किताबे निक ने लिखी है। 

आज निक अपनी life में बहोत खुश है।  उनकी शादी भी हो चुकी है उनकी शादी एक बेहद खूबसूरत लड़की Kande miyahra से उनकी Love Story बेहद ही interesting और अलग है।  उनकी लव स्टोरी मैं आप के साथ फिर कभी जरूर  shar करुगा।  उन्हें दो लड़के भी है और Nick आज अपनी जिंदगी बेहद खूबसूरती से जी रहे है। 

निक अपने वाइफ और बच्चे के साथ



Nick के बारे में कुछ रोचक बाते : 

  • Nick बिना हाथ और पैरो के पैदा हुए है फिर भी वे सब कुछ कर सकते है जो एक Normal इन्सान करता है। 
  • Nick mobile चला सकते है वह computer operate भी करते है। 
  • आप को यकीन नहीं आएगा पर Nick swimming भी करते है। 
  • Nick sky driving , surfing,  four wheeler और football भी खेलते है। 
  • Nick अभी तक 58 Countries में घूम चुके है और अभी तक वे 60 लाख लोगो के सामने अपनी speech दे चुके है। 
  • Nick पेंटिंग भी करते है। 
  • Nick NGO चलाते है '' Life Without Limb '' जो की लोगो की मदत करता है।  और NGO की net worth 500000 डॉलर है।  


दोस्तों Nick से हमें बहोत कुछ सिखने मिलता है।  हम अक्सर अपने Life में Fail होता है  या कभी हम अपने लक्ष को हासिल नहीं कर पाए तो हम इसकी वजह ढूंढ लेते है।  मैं यह कर न पाया क्यों की मेरे पास पैसे नहीं थे। मैं यह exam में top नहीं कर पाया क्यों की अच्छी ट्यूशन  नहीं थी।  मैं अपने लक्ष को प्राप्त नहीं कर पाया क्यों की मुझ पर जिम्मेदारियां थी।  etc etc  हम सिर्फ बहनसायटिस हो जाते है।  हम बहाना बना लेते है की हम ऐसा क्यों नहीं कर पाए but Nick ने ऐसा नही किया उन्होंने अपने Ability पर focus किया न की अपने disability पर। 

हमारे life में भी बहोत सारी problem आती है वह problem tension हमें disable कर देती है।  और हम हार जाते है।  But Lets see Nick He dont have hand and leg और फिर भी वह आज दुसरो की मदत कर रहे है।  हमे भी अपने life और problem को निक के जैसे challenge करना चाहिए। 

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27 October 2016

Height बढानी हो तो रोज करे ताड़ासन विधि और लाभ

 Height बढानी हो तो रोज करे ताड़ासन विधि और लाभ
tadasana increase height in Hindi


ताड़ासन में हमारा पूरा शरीर stretch होता है।  इससे हमें कई लाभ होते है।  यह आसन करने में बहोत आसान है।  और यह आसन किशोरों के लिए बहोत उपयोगी है।  इससे किशोरों में Height  बढ़ने मदत मिलती है।इसे palm tree  pose भी कहते है। 

विधि :

सबसे पहेल सावधान मुद्रा में खड़े हो जाए।
पैरो के पंजो को एक दूसरे से थोड़ा दूर रखिए।
अब हाथो को कन्धे के सामने और धीरे धीरे सिर के ऊपर ले जाए।
 अब पैरो की एड़ी जमीन से उप्पर उठा ले और पैरो के पंजो के सहारे खड़े हो जाए।
हाथो की उगलिया एक दूसरे में फसा कर lock कर दे और हाथो के पंजो को आसमान की और मोड़ दे।
हथेलिया आसमान की और रखे और गर्दन सीधी रखे।
जितना हो सके अपने शरीर को Stretch करे।
शक्तिनुसार आप इस pose में १-२ मिनट रहिए और फिर हाथो को धीरे धीरे अपनी पहली position पे ला ले।
पैरो की एड़ियो को जमीन से मिला दे और सावधान मुद्रा आ जाए।


ताड़ासन के लाभ :
१.  इस आसन से हमारा शरीर stretch होता है।  जिससे हमारे height बढ़ने में मदत मिलती है। और पैरो के पंजो को मजबूती मिलती है।
२. पेट की चर्बी कम होती है और शरीर सुडौल बनता है।
3. पेट के रोग दूर होते है पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करते है।
४. महिलाओ के मासिक धर्म से जुडी समस्या में फायदेमंद।
५. शारीरक और मानसिक शक्ति मिलती है।
६. यह आसन करने से बवासीर रोगियों को लाभ मिलता है।
७.यह आसन करने से एकाग्रता बढती है।
८. यह आसन करने से गठिया रोग का दर्द दूर हो जाता है।
९. शरीर में फुर्ती बनी रहती है। और शरीर हमेशा तंदुरुस्त रहता है।


सावधानिया :

शुरुवात में यह आसन 1 २ मिनट ही करे और धीरे धीरे टाइम बढ़ाए।
गर्भावस्था और मासिक धर्म में यह आसन न करे।
पैरो की surgery हुई हो तो यह आसन न करे।

25 September 2016

दुनिया का Youngest CA (Chartered Accountant) राजकुमार राजन

दुनिया का Youngest CA (Chartered Accountant) राजकुमार राजन 


worlds youngest C.A. Rajkumar rajan in Hindi


 दोस्तों CA  को हम बहोत ही मुश्किल मानते है और देखा गया है की उसका syllabus बहोत ही Hard और उसे पूरा करने में सालो की मेहनत लग जाती है।  और सालो की मेहनत के बावजूद CA में सफलता नहीं मिलती।  पर सिर्फ 18 वर्ष की उम्र CA बनने वाला राजकुमार राजन दुनिया का youngest छात्र बन गया है। आम तौर पर 12 हुए बाद Graduation को 18 साल से शुरुवात होती है।  पर राजकुमार ने सिर्फ 18 की उम्र में ही CA हो गया।  तो आइए हम जानते है की आखिर राजकुमार है कोन और उसने अपनी सफलता कैसे पाई।


राजकुमार रामन मूल रूप से चेन्नई का रहनेवाला है।  वह दुबई में भारतीय स्कूल में अपनी पढाई शुरु की है।  राजकुमार कहता है ही वह अपनी मेहनत के दम पर यह कारनामा कर के दिखाया है।  उसने  15 साल की उम्र में ही अपनी CA की पढ़ाई शुरू कर दी थी।  14 -15 वर्ष हमारे खेलने कूदने के दिन होते है।  और इस खेलने कूदने के दिन में ही राजकुमार ने अपनी CA की पढ़ाई शुरू कर दी थी। इस छोटी सी उम्र में अपने सपने साकार करने के लिए राजकुमार जी तोड़ मेहनत करता था।  वह बाकी बच्चो के जैसे खेलता नहीं था या छुट्टियां नहीं मनाता था। बस अपने लक्ष पर ही वह हमेशा ध्यान केंद्रित करता था। और उसकी मेहनत रंग भी लायी है।


जहा CA बनने में कई वर्ष लग जाते है। वही राजकुमार ने अपनी मेहनत के दम पर सिर्फ ३ वर्षो में 2015 में पहले ही attain में यह परीक्षा पास कर ली है। और वह दुनिया का सबसे कम उम्र वाला CA  बन चूका है। राजकुमार कहता है की CA बनने के लिए उसने जीतोड़ मेहनत की है।  वह हमेशा regular पढाई करता था।  वह कोई छुट्टी नहीं बनाता था।  सिर्फ regular basis पर पढ़ाई कर के ही उसने यह मुकाम पाया है।

राजकुमार कहता है वह 3- 4 बजे तक कॉलेज करता था।  और बाद में घर आ कर थोड़ा आराम और lunch फिर 4 .30 से 8 .30  वह अपनी पढ़ाई करता था। और फिर थोड़ा ब्रेक और dinner कर के 9 बजे से रात 12 बजे तक वह अपनी पढाई करता था।  वह ऐसा रेगुलर करता आ रहा था। यही उसकी सफलता का राज है।

राजकुमार को Finance और Accountancy इन दो subject में बहोत interest  है, इन दो subject में knowledge पाने के लिए ही वह CA करना चाहता था।  पर इतने जल्द सफलता मिल जाएगी यह उसने भी नहीं सोचा था। राजकुमार के परिवार के बहोत सारे लोग CA है इसलिए बहोत सी motivation और ज्ञान उसे अपने घर से ही मिला। राजकुमार पर CA बनने का एक जूनून छा गया था। collage को जिस दिन छुट्टी रहा करती थी उस दिन बाकि student घूमते खेलते पर राजकुमार सुबह 6 बजे से अपनी पढाई को लग जाता था। 


राजकुमार थोड़ा Superstitions और थोड़ा नसीब को मानता है।  वह कहता है की लक मेरा साथ दे इसलिए मैं exam में एक ही शर्ट और एक ही पैंट पहेनता था।  और मेरे जूते और मोज़े भी मैंने कभी नहीं बदले। यहाँ तक मैं अपना भोजन भी एक ही type का करता था।  चावल और आमटी। और मेरे लक और मेहनत से ही मुझे यह सफलता मिली है। 


आज राजकुमार इतनी छोटी उम्र में CA बन गया लेकिन उसकी पढ़ाई में कम नहीं आई है। अब राजकुमार को अमेरिका जाकर MBA करना है। उसके बाद वह investment marketing में अपना Career करना चाहता है।  राजकुमार के सपने बहोत बड़े बड़े है पर उसकी मेहनत और लगन से वह उसे पूरा कर देगा इसमें कोई शक नहीं।


14 September 2016

त्राटक मेडिट्रेशन करे और अपनी एकाग्रता बढ़ाए

त्राटक  मेडिट्रेशन करे और अपनी एकाग्रता बढ़ाए

tratak meditation in Hindi


किसी केंद्र को आखो के द्वारा बिना पलक  झपकाए  एकटक देखना त्राटक मेडीट्रेशन  tratak meditation कहलाता  है।  त्राटक का अभ्यास करने से शरीर की चंचलता दूर होकर स्थिरता बढ़ती है। त्राटक से हमारा मन एकाग्र होने लगता है।

कहा गया है  ''तप: सर्वेषु एकाग्रता पर तप:''    सभी तपो में एकाग्रता परम तप ( श्रेष्ठ तप ) है। 

 त्राटक एक हट योग का प्रकार है। और यह एक प्राचीन कला है।   जो की आध्यात्मिक Goals प्राप्त करने के लिए किया जाता है।  पर Students भी अपनी एकाग्रता और स्मरणशक्ति की विकास के लिए इसे कर सकते है।  इससे आखो की ज्योति भी बढ़ती है। हमारे मन में बहोत सारे विचार शुरू ही रहते है जिससे हम एकाग्रत और मन की शांति का अनुभव नहीं कर सकते।  यदि आप नियमित रूप से त्राटक करते है।  तो धीरे धीरे हमे मन की शांति का अनुभव होने लगता है।  और उसके बाद हमारे मन को अवांछित विचारो से छुटाकरा मिल जाता है। 

त्राटक मेडीट्रेशन ( tratak meditation ) कैसे करे ?

त्राटक के लिए सरल विधि है। आप को एक फुट का चौरस कार्डबोर्ड लेकर उसके मध्य भाग में एक रुपये के सिक्के जितना वृत्ताकार गोला बनाकर उसमे काल रंग भर दे।  और उस गोले के मध्य भाग में सरसो के दाने के बराबर पिले रंग से बिंदु अंकित कर दे। 

अब इस को 3 -4 फुट की दुरी पर रखो।   आखो के सामने आखो के  level में रखे।  न ऊपर न निचे।  अब उस पिले बिंदु को लगातार एकटक देखे , बिना पालक झपकाए। 

( आप को जलते हुए दिए ज्योत को एकटक देखना होता है या आप मोमबती  की लव को  भी एकटक देख सकते हो। )

जब आप की आखो में थकान लगने लगे या आखो से आंसू बहने लगे , तब आखो को बंद कर के अंदर ही अंदर उस बिंदु का ध्यान करे।  आप को वह बिंदु बंद आखो से भी दिखने लगेगा। उस बिंदु को देखते रहो जब तक की वह बिंदु या दीपक की लव काम न हो जाए। आप गहन शांति महसूस कर रहे होंगे। और धीरे धीरे अपनी आँखे खोल लीजिए।

त्राटक का अभ्यास प्रारंभ में 5 से 10 मिनट कर सकते है। फिर आप चाहे तो टाइम बढ़ा सकते हो।  त्राटक का अभ्यास जितना बढ़ता जायेगा उतना ही मन एकाग्र और प्रफुल्लित होता जायेगा।  परेशानियों से मन खिन्न नहीं होगा। विकार , विचार नहीं सताएंगे।  कार्य करने के प्रति धैर्य उत्साह साहस अदि दिव्या गुण बढ़ने लगेंगे। 

दोस्तों यहाँ मैं आपको आईस्टाइन का किस्सा सुनना चाहुगा ,
   
  प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आईस्टाइन बचपन में बड़े अलसी और मंदबुद्धि की विद्याथी थे।  पढ़ने में मन नहीं लगता था।  इसी कारण एक ही कक्षा में सफल होने के लिए दो साल का समय लगता था।  तब कही जा कर मुश्किल से पास हो पाते थे।  शिक्षक एवं माता पिता उनकी इस अवस्था से परेशान रहते थे।  एक बार आईस्टाइन ने अपने माता-पिता से प्रश्न किया सभी मुझे मंद बुद्धि कहते है।  क्या मैं बुद्धिमान नहीं बन सकता ? 

तब माँ ने कहा की अवश्य बन सकते हो।  किन्तु इसके लिए तुम्हे कुछ प्रयत्न करने होंगे।  यह सुन  आईस्टाइन ने कहा की माँ आप जो कहेगी मैं  करुगा। तब , माँ ने आईस्टाइन को त्राटक एवं ध्यान करना सिखाया।  इस अभ्यास को आत्मसाद करते ही आईस्टाइन की एकाग्रता बढ़ने लगी एवं कुछ ही दिनों के अंदर उनमे परिवर्तन होने लगा , जो लोग उन्हने बुद्धिहीन समझते  थे वे अब उनकी बुद्धिमानी की प्रशंसा करने लगे और आगे चलकर यही विद्याथी विश्व प्रसिद्ध विज्ञानिक अल्बर्ट आईस्टाइन कहलाए।  एक बार उनसे किसी ने उनकी सफलता का राज पूछा तो  आईस्टाइन ने उन्हें अपना वह कक्ष दिखाया जहा वे नियमित त्राटक और ध्यान का अभ्यास करते थे।  

   
त्राटक मेडीट्रेशन tratak meditation के लाभ :
  • बच्चो और Student के लिए पढाई में फायदेमंद।
  • त्राटक करने से आप की  बौद्धिक और स्मरणशक्ति का विकास होगा।
  •  आत्मविश्वास बुद्धि और धैर्य बढ़ने में मदत मिलेगी। 
  • आप के मन से नकारात्मक विचार दूर जायेगे और आप पॉजिटिव विचार आएंगे। 
  • विचार और इच्छावो से दूर जायेगे और आप शांति महसूस करेगे। 
  • मानसिक विकारो से मुक्ति मिलेगी आप को दूरदर्शी  का विकास होगा। 
  • आप के आध्यात्मिक शक्ति बढ़ेगी। 
  • मंत्र, ध्यान की  शुरवात के लिए त्राटक अच्छा है।  
  • आखो की क्षमता बढाती है।



tratak meditation  में सावधानिया :

  • दोस्तों त्राटक करने के लिए हमे शातिपूर्ण माहौल चाहिए।  जहा कोई शोर न हो वही जगह आप त्राटक कर सकते है। 
  • आप बंद कमरे में भी कर सकते है।  कमरे के लाइट बंद कर दे और काले परदे लगा दे।  ताकि आप का ध्यान न भटके। 
  • हमेशा सुखासन में बैठ कर ही त्राटक करे। 
  • त्राटक आप सुबह या शाम को कर सकते हो और हमेशा खाली पेट ही करे। 
i Hope यह पोस्ट आप के जरूर काम आएगी।   

13 September 2016

CPR Traning सी पी आर कैसे करे in Hindi

CPR Traning in Hindi/ सी पी आर कैसे करे ?




दिल का दौर पड़ने पर पहले एक घंटे को गोल्डन ऑवर माना जाता है।  इसी गोल्डन ऑवर में हम मरीज की जान बचा सकते है।  कभी कभी ambulance या मेडिकल सुविधा किसी कारण जल्द उपलब्ध नहीं होती।  ऐसे समय में हमे पता होना CPR  क्या है इसे कैसे करे ताकि मरीज की जान बचाई जा सके। आइए हम CPR Method के बारे में जानते है।


CPR  क्या है ?

CPR का मतलब Cardiopulmonary Resuscitation  (रिससिएशन कार्डियोपल्मोनरी ) यह एक प्राथमिक चिकित्सा है।  जब कोई सांस लेने में असमर्थ हो जाए , बेहोश जो जाए , या Heart Attach आ जाए तब सबसे पहले और समय पर CPR से ही आप किसी की भी जान बचा सकते है। इसे संजीवनी क्रिया भी कहते है। जब कभी किसे बिजली का झटका लग जाए , Heart Attack , दम घुटने पर , या पानी में डूबने पर , कई बार हमे CPR  से मदत मिले सकती है।


सबसे पहले क्या करे ?

यदि मरीज को दिल का दौर पड़ा है तो आप घबराए नहीं और पूरा धैर्य रखे।

सबसे पहले Ambulance को कॉल करे और Hospital को सूचित करे की आप हार्ट अटैक के मरीज को लेकर आने वाले है।

मरीज को आराम से बिठाये।  और उसे  Relax  करे।

मरीज के कपड़ो को ढीला कर दे।

अगर मरीज को पहले से ही Heart की समस्या है और वो कोई दवाएं लेता हो , तो पहले उसे वो दावा दे।

यदि मरीज को होश नहीं आ रहा हो तो उसे जमीन पर लेटा दे। दिल की धड़कने बंद हो गयी हो या साँस नहीं चल रही हो तो CPR (Cardiopulmonary Resuscitation ) प्रक्रिया अपनाए। 


 
CPR  में क्या किया जाता है ?


 CPR में प्रमुख दो कार्य किए जाते है।

1 ) मुँह द्वारे साँस देना
2 ) छाती को दबाना

दरअसल CPR में हम हम श्वसन क्रिया और रक्तभिसरण क्रिया को हम जारी रखते है। यदि मरीज को श्वास नहीं मिले तो   3 - 4 मिनिटो में मस्तिष्क के पेशी मृत होना शुरू हो जाते है।  अगर  10 मिनिट तक हम मरीज को कृतिम साँस न दे पाए तो मरीज के बचने chance बहोत कम हो जाते है।


CPR कैसे करे ?


  • सबसे पहले मरीज को किसी ठोस जगह पर लिटा दे और आप उसके पास घुटनो के बल बैठ जाए।
  • उसकी नाक और गाला चेक करे कही कुछ अटक तो नहीं गया है ? स्वासनलिका बेहोश अवस्था में सिकुट सकती है। उसके मुह में ऊँगली डाल कर चेक करे कुछ अटक तो नहीं है।
  • सीपीआर की दो प्रकियाएं है।  हतेली से छाती पर दबाव डालना और मुह से कृत्रिम सांस देना।
  • पेशंट के सीने के बीचोबीच हथेली रखकर पंपिंग करते हुए दबाए ।  एक से दो बार ऐसा करने से धड़कने फिर से शुरू हो जाएगी। 
  • पम्पिंग करते वक़्त दूसरे हाथ को पहले हाथ के ऊपर रख कर उंगलियो से बांध ले अपने हाथ और कोहनी को सीधा रखे। 
  • अगर पम्पिंग करते वक़्त धड़कने शुरू नहीं हो रही तो पम्पिंग के साथ मरीज को कृत्रिम सांस देने की कोशिस करे। 
  • हथेली से छाती को 1 -2 इंच दबाए ऐसा प्रति मिनट में 100 बार करे।
  • 30 बार छाती पर दबाव बनाए और दो बार कृत्रिम साँस दे। 
  • छाती पर दबाव और कृतिम साँस देने का Ratio 30 :02  का होना चाहिए।
  कैसे दे कृत्रिम सांस ?


  • मरीज की नाक को दो उंगलियो से दबाकर मुह से साँस दे।  नाक बंद होगी तो मुंह से की गई सांस फेफड़ो तक पहुचती है। 
  • लंबी साँस लेकर मरीज के मुह से मुह चिपकाए और धीर धीरे साँस छोड़े। 
  • ऐसा करने से मरीज से फेफड़ो में हवा भर जाएगी। 
  • जब आप कृत्रिम साँस दे रहे हो तो ध्यान रखे की मरीज की छाती ऊपर निचे हो राही है या नहीं 
  • जब मरीज कूद से साँस लेने लगे , तब ये प्रकिया रोक दे। 

1 साल से कम और नवजात बच्चो के लिए CPR :  1 साल से कम और नवजात बच्चो के लिए CPR देते वक़्त ध्यान रखे 2 या 3 उंगलियो से ही छाती पर दबाव डाले और छाती पर दबाव और कृत्रिम साँस देंने का ration 30 :02 ही रखे।



क्या न करे ?

  • मरीज को अकेला बिल्कुल न छोडे। 
  • Heart Attack के लक्षण आने पर इंतेजार करने में समय बर्बाद न करे। 
proscribed मेडिसिन के आलावा मरीज को दूसरी कोई दावा न दे। 


 I Wish दोस्तों यह पोस्ट आप के जरूर काम आएगी।  और आप किसी की वक़्त पर Help कर के उसकी life बचा पावोगे।  
दोस्तों  यह पोस्ट आप को कैसे लगी ? please Comment और इसे शेयर कीजिए ताकि यह पोस्ट और लोगो के काम आ सके।  

27 August 2016

पढाई में concentrate कैसे करे ?

 पढाई में concentrate कैसे करे ?




दोस्तों जब हम study करने बैठते है, बहोत बार तब हम study तो करते है पर हमारा ध्यान कही और लग जाता है हम खयालो में खो जाते है। एक खयाल आता है उससे Related  दूसरा और तीसरा ऐसे खयालो में हम खोते  जाते है   और हम  दूसरी दुनिया में चले जाते है।  यह सब के साथ होता है। So आज मैं कुछ tips share कर रहा हु।  जिससे study करते वक़्त आपका concentration बना रहेगा। और आप अच्छे से पढाई कर पाएंगे।

दोस्तों concentration के लिए बहोत factor है।  जैसे हम कहा पर  study कर रहे है।  हम कौनसे वक़्त पढाई कर रहे है। हमने के खाया है। etc. जहा तक possible एक separate रूम में ही पढाई करे। वह कोई शोर न हो। और आप वह disturb न हो सके ऐसी जहा ही पढाई करे।  वह एक अच्छा पढाई के लिए  atmosphere हो।

जरूर पढ़े :वक्तित्व विकास के १० टिप्स Personality Development ke 10 important tips


Study में Concentrate करेने  के Useful Tips :


1 ) Wright your Target :

आप जहा पर पढाई करते हो वहा पर हमेशा आप के आखो के सामने की   जगह  पर आप एक creative Board बनाए और ठीक उसे अपनी आखो के सामने वाली दिवार पर लगवाए। उस बोर्ड पर आप को जो achieve करना है वो लिख दे, जैसे किसे 12th में 90 % लाना हो तो वो उस बोर्ड पर 90 % in 12th लिख दे। किसे कोई जॉब चाहिए तो उस जॉब का नाम लिख दे , in short  आप का जो भी target है उसे लिख दे।  अपने Dream project को जितना Creative सजा सके उतना उसे attractive बनाए।  उसमे तरह तरह के कलर भर दे  design दे और ठीक उसके निचे उसकी Dead line भी लिख दे।  मतलब आप को  कितने दिनों में अपने Target कोAchieve करना है।

जब आप ऐसा target लिख देते है तो 24 घंटे वह टारगेट आप के आखो में ही रहता है। इसका फायदा यह है की जब भी आप टाइम waist कर करे होंगे तो झट से आप को आप का टारगेट flash हो जायेगा और आप अपने स्टडी पर Concentrate हो जायेगे।


2 . Right Time Table :

बहोत बार हम जोश में आ जाते है और और सोचते है की इस हफ्ते में इस subject का syllabus complete करना है वह पूरी बुक खत्म कर देनी है। पुरे जोश में पुरे एनर्जी के साथ टाइम टेबल बनाते है।  इतने घंटे रोज पढाई करनी है।  फिर  देखो एक week में पूरी subject खत्म फिर हम पहले दिन पढाई शुरू कर देते है।  थोड़ी देर पढाई करते है फिर ध्यान इधर उधर भटक जाता है। और देखते देखते पूरा दिन निकल  जाता है पर इतनी पढाई नहीं होती। और दूसरे दिन ही हम वही जोश से पढाई करते है ,और तीसरे दिन भी पर धीर धीर हमारा जोश कम हो जाता है और हमारा Task पूरा नहीं होता। तो हमे क्या  करना है ?

Think Big But Start Small : हमें अपने mind को धीरे धीरे concentrate करना होगा अपने mind को धीरे धीर बनाना होगा , पहले दिन हमे 30 minute  या 1 घंटा पढाई करना है और फिर ब्रेक लेना है दूसरे दिन और थोड़ा Time बढ़ाना है और फिर ब्रेक लेना है ऐसे कर कर के आप को आदत पड़ जायेगे continue पढाई करने की और आप बिना Break लिए continue   पढाई कर सकोगे।


3 . Peak concentration Time :

 दोस्तों हम सब की बॉडी अलग अलग  है हम सब का mind अलग अलग है। हम सब का एक Time होता है जिस time पे हमारे mind का concentration peak पे होता है।  किसी का Morning का किसी का evening या फिर किसी का रात का यह वो वक़्त होता है , यह वो टाइम होता है जिसमे हम  कम  समय में जादा पढ़ा सकते है। और जादा पढाई कर सकते है।  और अपना बाकि समय हम बचा सकते है।  तो आप को  आप के Peak Concentration टाइम का पता करना होगा और अपने Time Table में उस वक़्त के लिए जरूर time देना होगा।

4 . Why Sheet बनाए :

हम पढ़ने के लिए तो हमारा ध्यान इधर उधर लग जाता है।  हम हमारे dream के बारे में सोचते है , या कोई और विचारो में खोए रहते है। इसका solution है Why sheet जहा भी आप अपना Target Board लगाया है , ठीक उसी के निचे अपनी why sheet लगाए।  आप बोल रहे होंगे की why sheet क्या है ? - why sheet का मतलब 

मेरे लिए पढाई करना क्यों जरुरी है ?   
मेरे लिए इस टास्क को खत्म करना क्यों जरुरी है ?
 इससे मुझे के फायदा होगा ? 
मेरे माता -पिता को क्या फायदा होगा?
 मेरे future को क्या फायदा होगा ? 
मेरी economical condition को क्या फायदा होगा ?

 जब भी आप का ध्यान भटके why sheet को देखो immediate आप को Motivation मिल जाएगी। फिर सिर्फ पढाई पर ध्यान जायेगा और आप का concentration  फिर से बन जायेगा। 


 5 . yoga & Meditation

Meditation और योग में आप अपने concentration पावर को magically बढ़ा सकती है।  यदि आप रोज मेडिट्रेशन करते है तो आप को खुद ही बहोत बड़ा फर्क दिखाई पड़ेगा। मेडिट्रेशन और योग में ऐसी बहोत सारी चीजे है जिससे आप अपने Concentration power को बढ़ सकते हो।  आप alpha meditation , भ्रामरी प्राणायाम, सूर्यनमस्कार, सर्वागासन  कर सकते है। योग के फायदे मैंने पहले ही post की है।  और जल्द ही मैं meditation की पोस्ट भी लिखने वाला हु। So आप आज से ही yoga & Meditation करना शुरु कीजिए और फर्क देखिए। 

6 . Sufficient Sleep :

 दोस्तों मेरे ऐसे कई friend है जो रात- रात भर जाग कर पढाई करते है।  और पुरे दिन नींद में रहते है।  अगर हमारी नींद पूरी नहीं हुई तो हमारे reaction टाइम कम हो जाता है।  हमारा mind का concentration low हो जाता है। हमारे शरीर को ideal नींद 6 -7 घंटे की होना ही चाहिए।  और जब हमारी नींद पूरी होती है तब हम दुसरे दिन हमे बहोत फ्रेश लगता है।  पूरा दिन हम Active रहते है। So जहा तक हो सके रात को जल्द सो जाए और सुबह सुबह उठ कर पढाई start करे। 



7 . Avoid Stress :

 7 दिन रह गए exam को डर लग रहा है , syllabus बचा हुआ है।  panic हो रहे है। tension ले ले कर हम हमारा concetaration बिगाड़ ते है।  जब all ready time कम है तो हमारे लिए एक - एक minute  बहोत कीमती  है  तो हमे tension ले ले कर time waist करना चाहिए, simply हमे अपने WORRY TIME को  STUDY TIME
बदलो , अच्छी preparation करो।

इसके अलावा Student Life में भी बहोत सारी टेंशन होती है। कभी कभी parents से कोई argument हो जाती  है , दोस्तों से कोई झगड़ा हो जाता है , या फिर Relation में कोई problem हो जाती है। यह हमें disturb करती है और हम concentrate नहीं कर पाते।  कोशिश करो की इसे जल्द सुलझा सको। आपको अपने फायदे के लिए अपने आप को खुश रखना होगा।  और हमेशा stress free , खुश  relax रहे। इससे आप के concentration में फरक पड़ेगा।


8  . Critical Task first :

 कई बार कोई critical subject ,मुश्किल unit,  को हम ignore कर देते है और easy और simple हम पहले करते है।  साथ ही हमे कही न कही यह डर लगा  रहता है की अभी तो मुश्किल चीज़ करना बाकि है और हमारा concentrate कही न कही कम हो जाता है। आप को यह करना है की पहले Difficult task करना है। जैसे ही हम difficult टास्क खत्म कर देते है तब हम एक दम Relax हो जाते है।  क्यों की हमे तो पता ही होता है की अब केवल easy task ही बाकी रह गया है।  और हम पुरे concentration से हमारे पढाई पूरी कर लेते है।




9 . Watch your Environment :

  अपनी पढाई में जादा Concentrate करने के लिए आप को अपने आस पास Concentrate वाला environment बनाना होगा। कोशिश करे बेड के अलावा   table  और chair पर बैठ कर पढाई  करे। जब हम बेड़ पर होते है तो हम relax होते है और हमे नींद आती है। और याद रहे पढाई  वक़्त आप का mobile और net बंद कर दे।  या मोबाइल को अपने आप से दूर रख दे।  बहोत बार हम पढाई करने बैठ जाते है तो किसी Friend का call  आ जाता है या whats app पे कोई msg आ जाता है।  हमारा ध्यान पढाई पे से हट कर mobile में चला जाता है।  और पढाई की बैंड बज जाती है। इसलिए पढाई करते वक़्त net और mobile से दूर रहे। 


10 . Right diet :

 पढाई करते वक़्त आप का  diet बहोत major रोले अदा करते है।  जब भी हम Lunch करते है। उसके बाद हमारा mind slow  हो जाता है। इसलिए हल्का lunch ही करे।  आप green vegetable,fruit ,nuts ले सकते हो , कॉफ़ी और energy drink से दूर रहे।  यह हमें  instant energy तो देती है पर इनका bad effect हमारे body पर पड़ता है।  और पढाई करते वक़्त हमेशा अपने पास पानी की बॉटल रखे ताकि आप को बार बार उठना न पड़े। 

i hope this post will help you . i share  tips of  Mr. Himesh  and also include some tips of mine. keep Studying..Best of Luck.



19 August 2016

Career Option After 12th in Hindi

After 12th Career Option in Medical Field in Hindi.






दोस्तों जब हम Medical Field की बात करते है तो हमारे आखो के सामने MBBS MD और कई सारे डॉक्टर  के चेहरे आते है।  और मेडिकल फील्ड हमारे देश में High Reputed और Luxury  life माना जाता है।  और मानना भी चाहिए  क्यों की भगवान के बाद डॉक्टर ही तो मुसीबत में इन्सान की मदत करता है। 

बहोत सरे students का Dreams रहता है की वह M. B. B. S करे और एक अच्छा डॉक्टर बने पर कई बार कई वजह से M. B. B. S को नंबर नहीं लग पाता।  पर M. B. B. S छोड़ कर भी Medical Field में बहोत सारी  opportunity है।  जिससे आप लोगो की सेवा कर सकते है  एक Reputed Life  जी सकते है।   

  Medical Field में M. B. B. S को छोड़ कर भी बहोत सारे कौर्सेस , diploma Course , Bachelor Degree Course , Master Degree Course , lab Technician ,और Short Term कौर्सेस उपलब्ध है। आप को 12th में PCB (physics chemistry biology ) PCMB (physics chemistry Mathematics  biology) Group होना  चाहिए।  Biology Subject लेना अनिवार्य है without Biology आप Medical Field में नही आ सकते।  और आप को NEET ( National Eligibility Entrants Test) देना भी जरुरी है। 


बहोत सारे Indian और Abrod University हमे medical courses online भी देते है।  जैसे India में IGNOU (indira gandhi national open university) हमें online admission की सुविधा देती है। और बहोत सारे Student अपने सपने को पूरा करने की चाह में विदेशो से डिग्री ले आते है।  पर आप को यह ध्यान रहना चाहिए India में उस डिग्री को मान्यता मिलेगी जो की medical Council of India को मान्य होगी। 


Medical Courses List :

1. M.B.B.S (Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery) 

Duration : 5.5 years 

Qualification : 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

यह एक बैचलर डिग्री है और बहोत सारे देशो में इसकी मान्यता है। 

Career opportunityM.B.B.S  के बाद आप के पास बहोत सारे Career opportunity है। 
  • जैसे आप अपना खुद का hospital ,Clinic खोल सकते हो। 
  • MD/MS specialties General surgeon , Obs, gynecology etc . 
  • civil Services IAS IRS IFS IPS 
  • MBA
  • Job in Government and private Hospotal. 
  • government hospital में Job कर सकते हो। 
  • Drug Manufacturing  



2.B.H.M.S. ( Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery) 

Duration : 5.5 years

Qualification :  12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

यह एक होमियोपैथी बैचलर डिग्री है जो की National Institute of Homeopathy Regulate करती है।   

Career opportunity:
  •  आप अपना खुद का hospital ,Clinic खोल सकते हो। 
  •  government hospital जॉब कर सकते हो।  
  • Medical officer 
  • Homeopathic Lecturer ,Professor ,reader . 
  • civil Services IAS IRS IFS IPS 
  • Job in Government and private Hospital. 
  • Drug Manufacturing   


3. B.D.S: (Bachelor of Dental Surgery) 

Duration : 4 years

Qualification : 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%
यह एक dental डिग्री है 


Career opportunity:
  •  आप अपना खुद का hospital ,Clinic खोल सकते हो।
  • Lecturer ,professor 
  • Deface Doctor 
  • civil Services IAS  IFS IPS 
  • Job in Government and private Hospital.




 4. B.A .M.S: ( Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery )

Duration: 5.5 Years

Qualification: 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

B.H.M.S एक अयुर्वेदिक बैचलर डिग्री है जिसे CCIM ( Central Council of indian Medicine) Regulate करती है। 

Career opportunity:
  •   आप अपना खुद का hospital ,Clinic खोल सकते हो।
  • Job in Government and private Hospital.  
  • Medical Officer
  • Ayurveda Pharmacist
  • MBA  Hospital management
  • Drug Manufacturing  



5. M.D ( Doctor of Medicine)

Duration : 3 years

Qualification : MBBS

यह एक Medical degree है।




6. M.S ( Master of Surgeon)

Duration: 3years

Qualification: MBBS 

यह एक surgical degree है।


7. D.M. (Doctorate in Medicine) 

Duration: 3 years

Qualification : MBBS

यह एक PhD level की डिग्री है। 



8. B. Farm ( Bachelor of Pharmacy)

Duration : 4 years

Qualification : 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

यह एक फार्मेसी की डिग्री है। 

Career opportunity:

  •  Job in Government and private sector
  •  Drug Manufacturing
  • MBA, M.pharm
  • Marketing
  • Lecturer 



9 B.sc Nursing 

Duration: 3 years

Qualification :  12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 45%
यह एक नर्सिंग की बैचलर डिग्री है। आप Future में नर्स बन सकते हो। 


Career opportunity:
  • Job in Government and private Hospital
  • M.sc in Nurcing
  • Defense service 
  • Traning Institute.



10 B.P.T. ( Bachelor in Physiotherapy)

Duration: 4.5 years

Qualification :  12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

यह physically Temporary  Disable लोगो के इलाज के लिए डिग्री कोर्स है। 

Career opportunity:
  • Job in Government and private Hospital
  • Assistance Physiotherapist  school, fitness club, Hospital etc
  • खुद का फिजिओथेरपी सेंटर शुरू कर सकते है। 



11. B.O.T ( Banchlor in occupational Therapy) 

Duration : 3 years

Qualification : 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

यह भी physical Therapy Degree कोर्स है। 
   
Career opportunity:
  • Job in Government and private Hospital. 
  • Assistance Physiotherapist  school, fitness club, Hospital etc. 
  • खुद का फिजिओथेरपी सेंटर शुरू कर सकते है। 





12.B.U.M.S.( bachelor of unani medicine and surgery )

Duration: 5.5 years

Qualification:12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50% and Urdu subject is compulsory up to 10 Class.

यह यूनानी चिकित्सा डिग्री कोर्स है। 

Career opportunity:

  •   आप अपना खुद का hospital ,Clinic खोल सकते हो।
  • Lecturer ,speaker etc . 
  •  Job in Government and private Hospital.


 13. D.Farm ( Diploma in Pharmacy) 

Duration: 2 years

Qualification: 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%

 Career opportunity:

  • Job in Government and private sector
  •  Drug Manufacturing
  • B Farm , M.Farm
  • Marketing
  • Lecturer


14.BMLT ( Bachelor of Medical Lab Technicians) 

Duration: 3years
  
Qualification: 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50%


Career opportunity:
  • खुद की Lab open कर सकते है। 
  •  Job in Government and private sector 



15.DMLT ( diploma in Medical Lab Technicians) 

Duration: 1years

Qualification: 12th Passed with PCB or PCMB with a  minimum 50% 

Career opportunity:
  • BMLT कर सकते हो। 
  • खुद की Lab open कर सकते है। 
  • Job in Government and private sector  

Best Of Luck ..

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